लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि ‘संनातन धर्म, मां गंगा, भारत या महाकुंभ के खिलाफ झूठे आरोप लगाना या फर्जी वीडियो फैलाना’ करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ करने जैसा है। उन्होंने कहा कि संगम का जल न केवल आचमन के लिए बल्कि पीने योग्य भी है और इसे लेकर दुष्प्रचार किया जा रहा है।
इस बयान के बाद, जब केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) को बताया कि ‘प्रयागराज में कुछ स्थानों पर गंगा जल स्नान के योग्य नहीं पाया गया है’ और पानी में ‘फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया’ का स्तर तय मानकों से अधिक था, तो मुख्यमंत्री योगी ने इसे ‘सोची-समझी साजिश’ करार दिया। उन्होंने कहा कि गंगा जल को लेकर अफवाहें फैलाना गलत है और संगम का जल पूरी तरह ‘शुद्ध और सुरक्षित’ है।
सीएम योगी ने महाकुंभ में भगदड़ और सड़क दुर्घनाओं में मारे गए लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार हर संभव मदद करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि महाकुंभ में अब तक ’56 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं’ और यह आयोजन भारत की ‘संस्कृति, आस्था और परंपराओं को एक नई ऊंचाई’ दे रहा है।
उन्होंने महाकुंभ को लेकर फैल रही ‘फर्जी खबरों और भ्रामक दावों’ को नकारते हुए कहा कि यह आयोजन भारत की पहचान और संस्कृति का प्रतीक है। इस ऐतिहासिक आयोजन को बदनाम करने के लिए जो प्रचार किया जा रहा है, वह ‘अनुचित और दुर्भावनापूर्ण’ है। मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर झूठी खबरों से बचें और सतर्क रहें। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि सरकार महाकुंभ को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।